Earn From Vegetables : दिसंबर आते ही बाजारों में सब्जियों के दाम तेजी से ऊपर जाने लगते हैं और इसी समय कई तेज़ी से बढ़ने वाली फसलें बेहद कम लागत में तैयार हो जाती हैं। यही वजह है कि किसानों के लिए दिसंबर सोने की तरह चमकने वाला महीना बन जाता है, क्योंकि नमी सही रहती है, कीट कम लगते हैं और हर सब्जी का बाजार भाव लगातार बढ़ता रहता है। ऐसे में अगर किसान थोड़ी समझदारी दिखाएं और कुछ खास फसलें इसी समय लगा दें तो 25–30 दिन के भीतर ही शानदार कमाई शुरू हो सकती है।
बढ़ती मूली की मांग देगी बंपर मुनाफा
दिसंबर में मूली की बुवाई सबसे अधिक फायदे का सौदा मानी जाती है, क्योंकि इस महीने मूली बहुत तेजी से बढ़ती है और सिर्फ 25–30 दिन में खेत से निकलकर मंडी तक पहुंच जाती है। शादी-विवाह का सीजन होने के कारण मूली की मांग इस समय सबसे ज्यादा रहती है और इसी वजह से किसान 20 से 40 रुपये किलो तक आराम से बेच लेते हैं। इसकी उत्पादन क्षमता भी काफी ज्यादा होती है, जिससे एक बीघा जमीन से अच्छा मुनाफा बिना किसी ज्यादा लागत के मिल जाता है।
पालक देगा 100 रुपए किलो का भाव
पालक सर्दियों में सबसे तेजी से तैयार होने वाली फसल है और यही कारण है कि किसान इसे दिसंबर में बड़ी मात्रा में उगाते हैं। इसकी कटाई सिर्फ 20–25 दिन में शुरू हो जाती है और शहरों में इसका भाव 50–80 रुपये किलो तक पहुंच जाता है। होटल, ढाबे और रोज़मर्रा की सब्जी दुकानों पर इसकी लगातार मांग बनी रहती है, जिससे किसान हर कुछ दिनों में कटाई कर दो बार तक भी कमाई कर लेते हैं, जो इसे एक तेज़ मुनाफे वाली फसल बना देता है।
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धनिया से कमाएं लाखों रुपए
दिसंबर में धनिया की पत्तियां बेहद तेजी से बढ़ती हैं और महज 25–30 दिनों में खेत से बाजार की ओर निकल जाती हैं। इसकी कमी हमेशा सर्दियों में देखने को मिलती है, इसी वजह से शहरों में इसका दाम 80 से 100 रुपये किलो तक पहुंच जाता है। किसी भी सब्जी की मार्केट हो या घर-घर की जरूरत, धनिया हर जगह बिकता है और यही कारण है कि यह थोड़ी सी जमीन पर भी शानदार कमाई करा देता है।
मेथी की पत्तियां सबसे तेज़ मुनाफा
मेथी ऐसी सब्जी है जो ठंड में बहुत तेजी से बढ़ती है और 25–30 दिनों के भीतर कटाई के लिए तैयार हो जाती है। दिसंबर में इसकी मांग बढ़ जाती है क्योंकि खाने-पीने में मेथी का इस्तेमाल काफी अधिक किया जाता है। मंडियों में इसका भाव 40–60 रुपये किलो मिल जाता है, और खास बात यह है कि एक बार लगाने पर किसान दो बार तक पत्ती ले सकते हैं, जिससे मुनाफा अपने आप दोगुना हो जाता है।
शलजम की चमक बाजार में लगातार बढ़ती जा रही है
शलजम का असली सीजन दिसंबर से शुरू होता है और यह लगभग 30–35 दिनों में खेत से कटकर बिक्री के लिए तैयार हो जाता है। इसकी कीमत आमतौर पर 30 से 60 रुपये किलो तक रहती है, लेकिन सर्दियों में इसके दाम कई जगह बढ़ जाते हैं। शहरों, स्टोरों और दवा उद्योगों में शलजम की मांग काफी रहती है, जिससे किसान इसे छोटे पैमाने पर लगाकर भी अच्छा लाभ कमा लेते हैं।
गाजर की तेज़ मांग और शानदार कीमत
दिसंबर में गाजर सबसे तेजी से बिकने वाली सब्जियों में से एक बन जाती है। शुरुआती किस्में 35–40 दिन में तैयार हो जाती हैं और कई शहरों में इसका दाम 80 से 100 रुपये किलो तक पहुंच जाता है। ठंड में गाजर का उपयोग सलाद, जूस, मिठाई और दैनिक भोजन में तेजी से बढ़ता है, जिससे इसकी मांग लगातार ऊपर रहती है और किसान बड़ी कमाई का मौका नहीं छोड़ते।
सलाद पत्ता और चाइनिज पत्ता से हाई-प्रॉफिट का मौका
आजकल फास्ट फूड और होटल इंडस्ट्री के कारण सलाद पत्ता और चाइनिज पत्ता की मांग बहुत बढ़ गई है। यह दोनों ही फसलें लगभग 25–30 दिन में तैयार हो जाती हैं और होटल-रेस्टोरेंट में 80 से 150 रुपये किलो तक बिक रही हैं। कम पानी, कम मेहनत और तेज़ कटाई इनके सबसे बड़े फायदे हैं, जिससे किसान बहुत जल्दी अच्छी इनकम उठाते हैं।